वन्दे मातरम् कोई विवाद का विषय नहीं है | यह राष्ट्र के प्रति समर्पण का सबसे बड़ा प्रतीक है | यह भारत के प्रत्येक नागरिक की ओर से की जाने वाली सर्वोत्कृष्ट वंदना भी है | यह मजहबी भेदभाव से परे है इसकी मिसाल स्वतंत्रता संघर्ष में मिल चुकी है |
अब हमें इस पर कोई फतवा स्वीकार नहीं है | अगर इस पर कोई विवाद था भी तो वो 1947  के पहले सुलझा लिया गया था | एक और प्रयास 2006 में भी किया जा चुका है | किन्तु अब हम सभी भारत माता के बच्चों की हैसियत से इन फतवा जारी करने वालों को और उनके सरपरस्तों को अंतिम चेतावनी दे रहे हैं |


समझ गए तो ठीक वरना ...................................... | "

भारत माता की जय ||

वन्दे मातरम् ||

|| " सत्यमेव जयते " ||



23 Responses so far.

  1. वन्दे मातरम , भारत माता की जय।

  2. वन्देमातरम् भारतमाता के वीर सपूतों के हृदय का स्पन्दन है। यह वो रणनाद है जिसने ब्रिटिश शासन को हिला कर रख दिया था। यह न कभी मिटा है और न कभी मिटेगा। इसे मिटाने की कोशिश करने वाले खुद मिट जायेंगे।

    ॥वन्देमातरम्॥

  3. आपकी सोच से इत्तेफाक रखता हूँ. पर ये भी कहना है की वन्दे मातरम गाने या ना गाने के लिए हमें किसी उलेमा की फतवे की जरूरत नहीं है, ना ही इसे गाकर किसी से देशभक्ति का सर्टिफिकेट लेने की...

    मुझे व्यक्तिगत रूप से इसे गाने में कोई परहेज नहीं.

    वन्दे मातरम..

  4. आपकी सोच से इत्तेफाक रखता हूँ. पर ये भी कहना है की वन्दे मातरम गाने या ना गाने के लिए हमें किसी उलेमा की फतवे की जरूरत नहीं है, ना ही इसे गाकर किसी से देशभक्ति का सर्टिफिकेट लेने की...

    मुझे व्यक्तिगत रूप से इसे गाने में कोई परहेज नहीं.

    वन्दे मातरम..

  5. वन्दे मातरम..सिर्फ़ इसे गाने से कोई भी देश भगत नही बनता, जेसे गीता की कसम खाने वाले हमेशा सच्चे तो नही होते ..... लेकिन इसे गाने से मना करने के लिये कोई फ़तवा देना देश दरोही का काम है..... ओर इसे अ्नसुना करना चाहिये, यह मुर्खो का काम है, अरे जब घर ही फ़ुक जाये गा तो रहोगे कहां? अपनेघर की अपने देश की तारीफ़ करना गलत नही...

    वन्दे मातरम..
    वन्दे मातरम..
    वन्दे मातरम..
    वन्दे मातरम..

  6. वन्दे मातरम गाने कोई देशभ्क्त नही हो जाता है....वन्दे मातरम गाने वाले अरबों के घोटाले कर रहे है... गरीबों का खुन चुस रहे है... वन्दे मातरम कोई देशभक्ति का सर्टिफ़िकेट नही है की देशभक्त बनने के लिये यह ज़रुरी है...

    किसी मुसलमान फ़ौजी को अपनी देशभक्ति साबित करने के लिये वन्दे मातरम गाने की ज़रुरत नही है.... हम अपने देश से प्यार करते है और मरते दम तक करते रहेंगे...लेकिन हम अल्लाह के अलावा किसी की पुजा नही कर सकते है...

  7. वंदे मातरम,वंदे मातरम।

  8. @ काशिफ आरिफ

    वन्दे मातरम् पर अब यह सेकुलर राग गाना बंद करो चाहे इसे गाना देशभक्ति का प्रमाण न हो लेकिन इसके विरोध में फतवा जारी करना अवश्य राष्ट्र द्रोह है | ऐसे राष्ट्रद्रोही अब बहुत दिनों तक बख्शे नहीं जायेंगे और न ही इनके सरपरस्त | और फौज की बात मत करो वहां पर वैसे भी देशद्रोहियों के लिए एक ही सजा है |

    देशभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीक किसी प्रमाणपत्र का प्रश्न नहीं है लेकिन जो इसका विरोध करेंगे देशहित में हम उनके सर कुचलने से पीछे नहीं हटेंगे |



    वन्दे मातरम..
    वन्दे मातरम..
    वन्दे मातरम..
    वन्दे मातरम..

  9. वन्दे मातरम..
    वन्दे मातरम..
    वन्दे मातरम..

  10. अरे..रे.रे.रे..... ऐसा आप कैसे कर सकते हैं? फिर हमारी धर्मनिरपेक्षता का भला क्या होगा? ये तो अच्छा हुआ कि आपने पूरा गीत ही दे दिया, वरना तो बड़ा बवाल चल रहा था.

  11. ePandit says:

    लाख फ़तवे जारी हों वंदे मातरम् हिंदुस्तानियों के दिल में हमेशा रहेगा।
    वंदे मातरम् गाने के लिए किसी को मजबूर भले ही न किया जाए परंतु उसके खिलाफ फ़तवा भी मंजूर नहीं।

    ॥वन्दे मातरम्॥

  12. @कासिफ साहब - "किसी मुसलमान फ़ौजी को अपनी देशभक्ति साबित करने के लिये वन्दे मातरम गाने की ज़रुरत नही है.... "

    तो क्या किसी मुसलमान को मुसलमान साबित करने के लिए कुरान और नमाज की जरुरत है ?

    वन्दे मातरम् !

  13. जो लोग वन्दे मातरम के द्वारा देश-भक्ति की पुकार लगा रहे हैं और मारने काटने पर तुले हुए हैं वह देश भक्त नहीं हो सकते। बल्कि हिन्दु भी नहीं हो सकते, हाँ आतंकवाद अवश्य हों सकते हैं।
    हम तो कहते हैं कि छोड़ो यह झगड़ा यदि अपने देश से प्रेम करते हो तो --

  14. @ safat alam

    और जो लोग फतवा जारी कर रहे हैं वो मुसलमान ही हैं ना ?
    देशभक्ति तुम जैसों की सोच में फिट नहीं बैठती क्योंकि जब भी संकट आता है तुम लोग ' किताब ' देखने बैठ जाते हो और कबीले से ऊपर नहीं सोच पाते | राष्ट्रीय प्रतीकों पर जो भी उंगली उठेगी उसे काटा ही जायेगा और कोई झगडा नहीं है क्योंकि अब कोई विरोध स्वीकार नहीं है |

  15. हम सभी नागरिकों को अपने धरोहर का सम्मान करना चाहिए.
    धरोहर से तात्पर्य है है - हमारे अतित की हर वो ख़ास चीज़ से है जिससे देश का गौरव जुडा हुआ है. हमारे स्वतंत्रता सेनानी, शान्तिदूत, संत ज्ञानी, उनके आदर्श. संघर्ष गाथाएँ, साहित्य, गीत, संगीत, कला आदि.

    वन्दे मातरम् इन सब में सर्वोपरि इसलिए भी है, यह अपनी धरती के प्रति अगाध प्रेम और समर्पण का भावः होने के साथ साथ विदेशी सत्ता के विरुद्ध एक आह्वान भी रहा है. इसे राष्ट्र गीत का दर्जा इसमें निहित मूल्यों के कारण ही दिया गया है. इसका विरोध करना राष्ट्र द्रोह के दायरे में आएगा.

    कोई भी नागरिक इसे धर्म से जोड़कर कदापि न देखें. अफ़सोस होता है देशहित में सम्मिलित शक्ति संचय करने के जगह पर हम धार्मिक द्वंदों को बढावा दे रहे हैं.

    - सुलभ जायसवाल 'सतरंगी'

  16. http://www.youtube.com/watch?v=5eW_7FSJb6w

    National songs are supposed to have power of uniting, inspiring for collective service, and renewing commitment for nation building. It is only India on the world map where a national song is blamed to have serious connotations of hate and abhorrence against a particular community. Vande Matram is raised at every violence against minority communities. The song inspired Santans to kill Bengali Muslim, set their home at fire. Compare Sare Jahan se Achha from this song. This small presentation contains original photos of pro Vande Matram people's violence against Indian people. Some errors are there. It is put here only to have good debate.

  17. मुझे शर्म आती है .ये सब पढ़ कर....वन्दे मातरम गाने के लिए तनी बहस क्यूँ?ये कोई धर्म विशेष की बात नहीं है,काहे नहीं समझते?

  18. आओ मिलकर बन्देमातरम का विरोध करने वालों की मानसिकता को उजागर करें।
    वन्देमातरम्

  19. वन्दे मातरम

  20. shiva says:

    बन्देमातरम का विरोध करने वालों की मानसिकता को उजागर करें।
    वन्देमातरम्

  21. जो अपनी माँ का सम्मान ना कर सके वो बन्दे मातरम क्या गायेगा।, बन्दे........... मातरम................

  22. वंदे मातरम् पर कोई विवाद करने की आवश्यकता नहीं हं।

    जिन्हें वंदे मातरम् में श्रद्धा नहीं है उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।

  23. वन्देमातरम् ... !!